Cover of शाश्वत तीर्थधाम सम्मेदशिखर
Prathmanuyog

शाश्वत तीर्थधाम सम्मेदशिखर

Shashwat Tirthadham Sammedshikhar

by Dr. Hukamchand Bharill

6approx.

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Publisher

Pandit Todarmal Smarak Trust

A-4, Bapu Nagar, Jaipur-302015, Rajasthan

Description

शाश्वत तीर्थधाम सम्मेदशिखर (Shashwat Teerthdham Sammed Shikhar)

लेखक: डॉ. हुकुमचंद भारिल्ल (Dr. Hukamchand Bharill)
प्रकाशक: पंडित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट (PTST), जयपुर


1. पुस्तक का संक्षिप्त परिचय

'शाश्वत तीर्थधाम सम्मेदशिखर' डॉ. हुकुमचंद भारिल्ल जी द्वारा लिखित एक ऐसी कृति है जो पाठक को घर बैठे इस महान तीर्थ की आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाती है। यह पुस्तक सम्मेदशिखर जी की महिमा को केवल एक 'पहाड़' या 'पर्यटन स्थल' के रूप में नहीं, बल्कि मोक्ष की पावन भूमि के रूप में प्रतिष्ठित करती है।


2. मुख्य विषय और विशेषताएँ (Key Highlights)

  1. तीर्थ की महिमा: इस पावन भूमि से जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया है। डॉ. साहब ने इसकी 'शाश्वतता' (Eternality) को दार्शनिक आधार पर समझाया है।
  2. आध्यात्मिक यात्रा: पुस्तक में प्रत्येक 'टोक' (तीर्थंकरों के निर्वाण स्थल) का वर्णन केवल भौगोलिक नहीं है, बल्कि उस स्थान से जुड़ी आध्यात्मिक ऊर्जा और वैराग्य प्रसंगों का भी समावेश है।
  3. वंदना का सही स्वरूप: लेखक स्पष्ट करते हैं कि पहाड़ की चढ़ाई करना मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं है; सच्ची वंदना वह है जो अपने 'निज-शिखर' (आत्मा की ऊंचाई) तक पहुँचने की प्रेरणा दे।
  4. इतिहास और वर्तमान: सम्मेदशिखर जी का प्राचीन इतिहास, वहां की प्राकृतिक सुंदरता और वर्तमान में इस तीर्थ के संरक्षण की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया है।
  5. यात्री के लिए निर्देश: एक मुमुक्षु यात्री को वंदना करते समय किन भावों में रहना चाहिए और किन विवेकपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए, इसका सुंदर मार्गदर्शन दिया गया है।

3. पुस्तक का आध्यात्मिक मर्म

डॉ. भारिल्ल इस पुस्तक में लिखते हैं:

"सम्मेदशिखर की रज का कण-कण उन महापुरुषों के वैराग्य का साक्षी है जिन्होंने देह का मोह छोड़कर परमात्मा पद प्राप्त किया। यहाँ की वंदना हमारे भीतर के मोह को गलाने का साधन बननी चाहिए।"


4. संदर्भ और उपलब्धता

  • भाषा: भक्तिमय, तार्किक और वर्णनात्मक हिंदी।
  • उपयोगिता: तीर्थ यात्रियों के लिए 'गाइड' और स्वाध्यायियों के लिए प्रेरणादायी साहित्य।
  • डिजिटल लिंक: Jain eBooks और Atma Dharma पर उपलब्ध।

5. संबंधित साहित्य

  • गोम्मटेश्वर बाहुबली: दक्षिण के महान तीर्थ और बाहुबली के चरित्र पर आधारित।
  • शलाका पुरुष: तीर्थंकरों के विस्तृत जीवन चरित्र के लिए।
Language
Hindi
ISBN
-
Formats
Paperback

Topics

Tirthankara