Cover of शाकाहार
Charnanuyog

शाकाहार

Shakahar

by Dr. Hukamchand Bharill

6approx.

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Publisher

Pandit Todarmal Smarak Trust

A-4, Bapu Nagar, Jaipur-302015, Rajasthan

Description

शाकाहार (Shakahar - Vegetarianism)

लेखक: डॉ. हुकुमचंद भारिल्ल (Dr. Hukamchand Bharill)
प्रकाशक: पंडित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट (PTST), जयपुर


1. पुस्तक का संक्षिप्त परिचय

'शाकाहार' डॉ. हुकुमचंद भारिल्ल जी द्वारा लिखित एक अत्यंत तर्कसंगत लघु पुस्तिका है। यह केवल धार्मिक उपदेश नहीं है, बल्कि यह करुणा (Compassion), स्वास्थ्य (Health) और तर्क (Logic) के आधार पर शाकाहार की श्रेष्ठता सिद्ध करती है। यह पुस्तक मांसाहार के पीछे छिपी क्रूरता और उसके आध्यात्मिक व शारीरिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालती है।


2. मुख्य विषय और वैचारिक बिंदु (Key Highlights)

  1. करुणा और अहिंसा: डॉ. साहब तर्क देते हैं कि अपनी जीभ के स्वाद के लिए किसी बेजुबान प्राणी की हत्या करना मानवता के विरुद्ध है। अहिंसा केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि एक वैश्विक मानवीय मूल्य है।
  2. वैज्ञानिक और जैविक तर्क: पुस्तक में मानव शरीर की संरचना (दांत, आंतें, और पाचन तंत्र) की तुलना शाकाहारी और मांसाहारी जीवों से की गई है, जिससे यह सिद्ध होता है कि मनुष्य प्राकृतिक रूप से एक शाकाहारी प्राणी है।
  3. आध्यात्मिक प्रभाव: भोजन का सीधा संबंध विचारों से होता है ("जैसा अन्न, वैसा मन")। मांसाहार कषायों (क्रोध, क्रूरता) को बढ़ाता है, जबकि शाकाहार परिणामों में कोमलता और शांति लाता है।
  4. व्यसन मुक्ति: शाकाहार को 'अष्ट मूलगुणों' का आधार बताते हुए, इसमें शराब और शहद जैसे अभक्ष्य पदार्थों के त्याग पर भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है।
  5. पर्यावरण और स्वास्थ्य: मांसाहार से होने वाली बीमारियों और पर्यावरणीय असंतुलन की चर्चा करते हुए शाकाहार को स्वस्थ जीवन का आधार बताया गया है।

3. पुस्तक का मुख्य संदेश

डॉ. भारिल्ल इस पुस्तक के माध्यम से यह संदेश देते हैं कि:

"जीने का अधिकार सबको है। किसी की मृत्यु में अपना सुख खोजना मनुष्यता नहीं, बल्कि पशुता है। शाकाहार केवल भोजन नहीं, एक अहिंसक जीवन शैली है।"


4. संदर्भ और उपलब्धता

  • भाषा: सरल, तार्किक और प्रभावशाली हिंदी।
  • उपयोगिता: नई पीढ़ी, छात्रों और मांसाहार छोड़ने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शिका।
  • डिजिटल लिंक: Jain eBooks और PTST Jaipur पर उपलब्ध।

5. संबंधित साहित्य

  • भक्ष्य-अभक्ष्य: खान-पान के विवेक पर आधारित विस्तृत लेख।
  • रीति-नीति: आदर्श और नैतिक जीवन जीने की पद्धति।
Language
Hindi
ISBN
-
Formats
Paperback

Topics

Ahimsa