
* Prices are subject to revision. Delivery fees may vary by location.
पंचास्तिकाय संग्रह (Panchastikaya Samgraha) दिगंबर जैन परंपरा के महान आचार्य कुन्दकुन्ददेव द्वारा रचित एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह ग्रंथ जैन तत्वमीमांसा (Metaphysics) का आधार माना जाता है, जिसमें विश्व की संरचना और उसके मूलभूत तत्वों का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक विवेचन किया गया है।
Topics