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Tirthadham Mangalayatan Sahitya KendraShree Aadinath – Kundkund – Kahan Digamber Jain Trust ‘Vimlanchal’, Hari Nagar, Aligarh – 202001 (U.P.) India
📖नय प्रज्ञापन
✍️पं. देवेन्द्रकुमार जैन द्वारा रचित यह ग्रन्थ जैन दर्शन में वर्णित नयों के गूढ़ स्वरूप का सरल एवं तर्कपूर्ण विवेचन प्रस्तुत करता है।
इस ग्रन्थ में नय, नयाभास, अनेकान्त तथा वस्तुस्वरूप को दार्शनिक दृष्टि से स्पष्ट एवं व्यवस्थित रूप में समझाया गया है।
जैन न्याय एवं तत्वज्ञान का गहन अध्ययन करने वाले जिज्ञासुओं के लिए यह ग्रन्थ अत्यन्त उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक है।
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