Cover of जैनत्व संस्कार
Children & Youth🔥 2 Enquiries

जैनत्व संस्कार

Jainatva Sanskar

by Shri Sanjay Siddharthi

30approx.

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Publisher

Samarpan Prakashan

Bhopal

Description

यह पुस्तक "जैनत्व संस्कार" (भाग - 1, 2, 3, 4) का एक व्यापक संग्रह है, जिसे संजय सिद्धार्थी, इंदौर द्वारा संकलित और संयोजित किया गया है[cite: 1]। यह पुस्तक मुख्य रूप से बच्चों और युवाओं में जैन धर्म के प्रति रुचि जागृत करने और उन्हें जीवन के नैतिक मूल्यों (संस्कारों) से जोड़ने के उद्देश्य से तैयार की गई है[cite: 1]।

वेबसाइट के लिए इस पुस्तक का विवरण निम्नलिखित अनुभागों में व्यवस्थित किया जा सकता है:

पुस्तक का उद्देश्य एवं विजन

यह पुस्तक 'ऑनलाइन जैन बाल पाठशाला, इंदौर' की नवाचार शिक्षण पद्धति का हिस्सा है[cite: 1]। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को आधुनिक तकनीकों (जैसे सोशल मीडिया और इंटरनेट) के सदुपयोग के साथ-साथ दिगंबर जैन धर्म के प्राचीन सिद्धांतों से परिचित कराना है[cite: 1]। यह शिक्षा को "जीवंत और समयानुकूल" बनाने के लिए गतिविधियों और कहानियों का सहारा लेती है[cite: 1]।

प्रमुख विशेषताएं एवं शिक्षण पद्धति

  • मम्मी की पाठशाला: यह छोटे बच्चों के लिए एक विशेष 'गतिविधिपरक कोर्स' है, जिसमें कविताओं और खेलों के माध्यम से धर्म सिखाया जाता है।
  • जैन इंग्लिश व हिंदी वर्णमाला: वर्णमाला के माध्यम से धार्मिक शब्दों का ज्ञान (जैसे A से अरिहंत, B से बैनर) दिया गया है।
  • सरल प्रश्नोत्तरी: प्रत्येक खंड में महत्वपूर्ण सिद्धांतों को 'प्रश्न-उत्तर' के माध्यम से समझाया गया है ताकि बच्चे आसानी से याद कर सकें।
  • नैतिक शिक्षा: रात्रि भोजन त्याग, पानी छानकर पीना और अहिंसा जैसे व्यावहारिक विषयों पर विशेष जोर दिया गया है।

पुस्तक की विषय-वस्तु (चार खंडों में)

खंडमुख्य विषय
प्रथम खंडणमोकार मंत्र, चत्तारि मंगल, चौबीस तीर्थंकरों के नाम, जीव-अजीव की प्राथमिक पहचान और भगवान आदिनाथ का परिचय।
द्वितीय खंडपरमेष्ठी और भगवान में अंतर, देव-दर्शन की विधि, पापों का परिचय, भगवान महावीर का जीवन और आचार्य कुन्दकुन्द का परिचय।
तृतीय खंडकषाय (क्रोध, मान, माया, लोभ), पंच परमेष्ठी के विस्तृत मूलगुण, छह द्रव्य, अष्ट मूलगुण और पंडित टोडरमल जी का परिचय।
चतुर्थ खंडद्रव्य-गुण-पर्याय, सात तत्व, चार अभाव (प्रागभाव आदि) और ज्ञानी श्रावक के बारह व्रतों का सूक्ष्म विवेचन।

अतिरिक्त सामग्री

  • काव्यात्मक शिक्षा: पुस्तक में "जैन गिनती," "तीर्थयात्रा," और "शुद्धातम है मेरा नाम" जैसी प्रेरणादायक कविताएं और स्तुतियां शामिल हैं।
  • प्रायोगिक निर्देश: शिक्षकों के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे वर्कशीट और लर्निंग किट का उपयोग करके बच्चों को पढ़ाएं।

प्रकाशक विवरण:

  • संकलन व संपादन: संजय सिद्धार्थी, इंदौर
  • प्रकाशक: समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट, उदयपुर
  • सहयोग राशि: ₹60

यह पुस्तक न केवल धार्मिक शिक्षा का आधार है, बल्कि यह बच्चों के चरित्र निर्माण और उन्हें एक आदर्श नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शिका है।

Language
Hindi

Topics

TattvagyanAwareness