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Cover of द्रव्य संग्रह पद्यानुवाद
Dravyanuyog

द्रव्य संग्रह पद्यानुवाद

Dravya Sangrah Padyanuvad

by Dr. Hukamchand Bharill

1approx.

* Prices are subject to revision. Delivery fees may vary by location.

Publisher

Pandit Todarmal Smarak Trust

A-4, Bapu Nagar, Jaipur-302015, Rajasthan

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ptstjaipur@yahoo.com Website

Description

द्रव्यसंग्रह पद्यानुवाद (Dravyasangraha Padyanuvad)

मूल रचना: आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धांतचक्रवर्ती (Prakrit Gathas)
पद्यानुवाद: डॉ. हुकुमचंद भारिल्ल (Dr. Hukamchand Bharill)
प्रकाशक: पंडित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट (PTST), जयपुर


1. पुस्तक का संक्षिप्त परिचय

'द्रव्यसंग्रह' जैन दर्शन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आधारभूत ग्रंथ है। इसमें विश्व के छह द्रव्यों, सात तत्वों और मोक्षमार्ग का संक्षिप्त किंतु पूर्ण वर्णन है। डॉ. हुकुमचंद भारिल्ल जी ने इसकी मूल प्राकृत गाथाओं का सरल और गेय हिंदी छंदों में अनुवाद किया है, जिससे सिद्धांतों को याद रखना और समझना आसान हो गया है।


2. मुख्य विषय और विशेषताएँ (Key Highlights)

  1. छह द्रव्यों का स्वरूप: जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश और काल का संक्षिप्त और सटीक परिचय।
  2. जीव के नौ अधिकार: जीव के स्वरूप को समझाने के लिए नौ विशेषणों (जैसे कर्ता, भोक्ता, देह-प्रमाण आदि) का सुंदर विवेचन।
  3. पंचास्तिकाय और मोक्षमार्ग: इसमें संक्षेप में पंचास्तिकाय और रत्नत्रय (सम्यग्दर्शन, ज्ञान, चारित्र) के मार्ग को समझाया गया है।
  4. ध्यान का वर्णन: ग्रंथ के अंत में ध्यान की विधि और 'शुद्धोपयोग' की महिमा बताई गई है।
  5. गेय शैली: पद्यानुवाद को दोहा और अन्य छंदों में इस प्रकार ढाला गया है कि इसे विद्यार्थी और बड़े—दोनों आसानी से कंठस्थ कर सकें।

3. पद्यानुवाद की एक झलक (Sample Verse)

जीव के स्वभाव को डॉ. साहब ने इस प्रकार अनुदित किया है:

"जीव उपयोग मय, अमूर्त, कर्ता, देह परिमाण है।" "भोक्ता, सिद्ध, संसारी और, ऊर्ध्व गमन स्वभाववान है ॥"


4. उपयोगिता

  • आधारभूत शिक्षा: यह ग्रंथ जैन दर्शन के "Basic Concepts" को समझने के लिए सबसे उत्तम है।
  • पाठशाला पाठ्यक्रम: बालबोध और वीतराग विज्ञान के बाद विद्यार्थियों को अक्सर द्रव्यसंग्रह पढ़ाया जाता है।
  • दैनिक पाठ: सिद्धांतों के रिवीजन (पुनरावृत्ति) के लिए इस पद्यानुवाद का पाठ अत्यंत लाभकारी है।

5. संदर्भ और उपलब्धता

  • भाषा: सरल, तार्किक और प्रवाहमयी हिंदी (काव्य)।
  • डिजिटल लिंक: यह Jain eBooks और Atma Dharma पर उपलब्ध है।

6. संबंधित साहित्य

  • द्रव्यसंग्रह अनुशीलन: डॉ. भारिल्ल द्वारा लिखित इस ग्रंथ की विस्तृत आधुनिक व्याख्या।
  • पंचास्तिकाय पद्यानुवाद: आचार्य कुन्दकुन्द के महान ग्रंथ का काव्य अनुवाद।
Language
Hindi
ISBN
-
Formats
Paperback

Topics

Kavya