Cover of दीपचंद ग्रंथमाला भाग-2
Dravyanuyog

दीपचंद ग्रंथमाला भाग-2

Dipchand Granthmala Part-2

by Pt. Dipchand

18approx.

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Publisher

Pandit Todarmal Smarak Trust

A-4, Bapu Nagar, Jaipur-302015, Rajasthan

Description

दीपचंद ग्रंथमाला (Deepchand Granthmala) 18वीं शताब्दी के प्रसिद्ध आध्यात्मिक विद्वान पंडित दीपचंद शाह कासलीवाल की रचनाओं का एक संग्रह है। वे जयपुर (आमेर) के रहने वाले थे और अपनी गहरी वैराग्यपूर्ण और अध्यात्मिक शैली के लिए जाने जाते थे। पंडित टोडरमल जी के समकालीन और मित्र होने के कारण, उनकी भाषा और विचारधारा में वही तार्किकता और सरलता दिखाई देती है जो उस काल के 'अध्यात्म आंदोलन' की विशेषता थी। ग्रंथमाला में शामिल प्रमुख रचनाएँ: इस संग्रह में पंडित जी द्वारा रचित कई महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख निम्नलिखित हैं: अनुभव प्रकाश: इसमें आत्म-अनुभव और भेद-विज्ञान की महिमा का वर्णन है। चिद्विलास: आत्मा (चित्) के स्वरूप और उसके आनंदमय गुणों की विवेचना। अध्यात्म कसौटी: यह ग्रंथ परखने का साधन है कि साधक का अध्यात्म सच्चा है या मात्र दिखावा। परमात्म पुराण: परमात्मा के स्वरूप और उनकी प्राप्ति के मार्ग का विस्तृत वर्णन। ज्ञान दर्पण: स्वयं के ज्ञान स्वभाव को पहचानने की मार्गदर्शिका। भाव दीपिका: (जिसकी चर्चा हमने पहले की थी) यह उनके सबसे प्रसिद्ध ग्रंथों में से एक है।

Language
Hindi
ISBN
-
Formats
Hardcover/Paperback

Topics

Tattvagyan