Cover of छहढाला
Bhakti & Worship

छहढाला

Chhahadhala

by Pandit Daulatram

100approx.

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Publisher

Hindi Granth Karyalay

9 Hirabaug, Nath Madhav Lane, Kasturba Gandhi Chowk, Mumbai 400004, भारत

Description

छहढाला (Chhahdhala) जैन धर्म का एक अत्यंत लोकप्रिय और लघु ग्रंथ है, जिसे पंडित दौलतराम जी ने 19वीं शताब्दी (विक्रम संवत 1891) में रचा था। इसे "जैन धर्म की वर्णमाला" या "गागर में सागर" कहा जाता है क्योंकि यह बहुत कम शब्दों में संपूर्ण जैन दर्शन को समेटे हुए है। मुख्य विशेषताएं: नाम का अर्थ: 'छह' का अर्थ है 6 और 'ढाला' का अर्थ है ढाल (जैसे युद्ध में ढाल रक्षा करती है, वैसे ही ये अध्याय संसार के दुखों से रक्षा करते हैं)। इसमें कुल 6 अध्याय या 'ढालें' हैं। छंद: यह सरल हिंदी (ब्रज/खड़ी बोली) के पद्य रूप में है, जिसे आसानी से गाया और याद किया जा सकता है। आधार: यह ग्रंथ मुख्य रूप से आचार्य कुन्दकुन्द के अध्यात्म और आचार्य उमास्वामी के 'तत्त्वार्थ सूत्र' के सिद्धांतों पर आधारित है।

Language
Hindi
ISBN
978-81-88769-62-9
Published
2014
Translator
Dr Jaykumar Jalaj
Formats
Paperback

Topics

StotraStavanShlokaRatnatraya