
* Prices are subject to revision. Delivery fees may vary by location.
📖 अमृत सागर
✍️ वाणी: बाल ब्रह्मचारी रविन्द्र जी आत्मन्
✨ यह पुस्तक “अमृत सागर” पूज्य बाल ब्रह्मचारी रविन्द्र जी आत्मन् की अमृतमयी वाणी, अर्थात उनके प्रवचनों के सुंदर अंशों का संग्रह है।
🌿 इन वचनों के माध्यम से जैन धर्म तथा आत्मा के आनंदमय स्वरूप को सरल और गहन रूप में समझाया गया है, जो साधक के अंतर्मन को स्पर्श करते हैं।
🌟 यह संग्रह आध्यात्मिक जागृति, आत्मचिंतन और आत्मानुभूति की ओर प्रेरित करने वाला एक अमूल्य ग्रंथ है।
Topics